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दिल्ली में कोरोना का हाल और क्या हैं सरकार के इंतजाम? अमित शाह के इंटरव्यू की 10 बड़ी बातें

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एक इंटरव्यू में दिल्ली में कोरोना वायरस के हालात और उसके खिलाफ चल रहे अभियान पर विस्तार से बात की. समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में सरकार के इंतजामों के बारे में भी बताया. शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश कोरोना के खिलाफ जंग जीत कर रहेगा. आइए जानें अमित के बयान की 10 बड़ी बातें.

1-दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के बयान के कारण राजधानी में कोरोना को लेकर डर पैदा हुआ. हम कोरोना से निपटने के लिए तैयार हैं. दिल्ली सरकार की ओर से 31 जुलाई तक 5.50 लाख मामले पहुंचने की बात कही जा रही है. ऐसा दिल्ली में नहीं होगा. कोरोना के इतने मामले दिल्ली में नहीं आएंगे.

2-दिल्ली में कोरोना के टेस्ट चार गुना बढ़ाए गए हैं. दिल्ली में प्रतिदिन 16 हजार टेस्ट हो रहे हैं. राजधानी में कम्युनिटी स्प्रेड नहीं हुआ है. कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है. इसे बेकार में तूल दिया जा रहा है.

3-14 तारीख को कॉर्डिनेशन की बैठक की. दिल्ली सरकार, एमसीडी और भारत सरकार के बीच समन्वय के लिए ये बैठक जरूरी थी. भारत सरकार इसमें बहुत मदद कर सकती है. कई विशेषज्ञों की मदद ली जा सकती है. इसलिए कोरोना के खिलाफ व्यापक अभियान के लिए हमने ये बैठक की.

4-मैं कह सकता हूं कि दिल्ली के डिप्टी सीएम का जो 5.5 लाख कोरोना केस वाला बयान था, वो स्थिति अब दिल्ली में नहीं आएगी. दिल्ली में 30 जून तक कंटेनमेंट जोन के हर घर का सर्वेक्षण हो जाएगा. बाद में दिल्ली में घर-घर सर्वेक्षण किया जाएगा.

6-हमने 3 टीमों का गठन किया, जिसमें दिल्ली सरकार के और एम्स के डॉक्टर हैं और आईसीएमआर के विशेषज्ञ हैं. उन्होंने सभी जगह की कमियों को ठीक करने का हर प्रयास किया है.

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7-कोरोना को लेकर मैंने बैठक की है. सीएम अरविंद केजरीवाल को लूप में रखकर उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी और एनसीआर के लिए समन्वित रणनीति हम बनाएंगे. टेस्टिंग बढ़ाना और अन्य व्यवस्थाओं को बढ़ाने का काम एनसीआर में भी किया जाएगा.

8-दिल्ली में शवों की स्थिति बहुत खराब थी. करीब 350 शव लावारिस हालत में पड़े थे. हमने फैसला किया कि उन सभी को उनके धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार के लिए रखा जाएगा, और आज एक भी शव आसपास नहीं पड़े हैं.

9-जब से लॉकडाउन शुरू हुआ, पीएम और मैं दोनों ने सभी सीएम से बात की और उन्हें प्रवासियों के रहने और खाने की व्यवस्था करने के लिए कहा. लगभग 2.5 करोड़ लोगों के लिए व्यवस्था की गई. राष्ट्रीय आपदा राहत कोष से 11,000 करोड़ रुपये राज्यों को हस्तांतरित किए गए.

10-कुछ दुखद घटनाएं हुईं जब लोगों ने धैर्य खो दिया और पैदल यात्रा शुरू कर दी, तो हम भी इससे दुखी थे. प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से कहा था कि निकटतम रेलवे स्टेशनों तक पैदल यात्रा करने वाले प्रवासियों के लिए बसें चलाएं. अब तक, पूरे देश में 1 करोड़ 20 लाख लोगों को पहुंचाया गया है.

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