यूपी पुलिस का शर्मनाक चेहराः बुजुर्ग के सहारे को पड़ी वर्दी के रुआब की लात

uppतहलका एक्सप्रेस

लखनऊ। यूपी पुलिस अपनी करतूतों से हमेशा से चर्चा में रही है, एक तरफ जहां राजधानी में अपराधियों ने अपना डेरा जमा लिया है, तो जनता की रखवाली करने वाले वर्दीधारी अपने ओहदे का फायदा उठाकर गरीबों और लाचारों पर अपनी ताकत आजमाते नजर आ रहे हैं। एक ताजा मामला तहजीब के शहर लखनऊ से प्रकाश में आया है, जहां पर एक दरोगा जी ‘सिंघम’ स्टाइल में एक गरीब आदमी की रोजी-रोटी पर लात मारते हुए दिखे और जब कुछ मीडियाकर्मियों ने इस बात का विरोध किया, तो उल्टे उन पर ही नाराज हो उठे और धमकाते हुए बोले, “मेरे नाम को मोटे अक्षरों में लिखना, जिससे एसएसपी भी मेरे बारे में जान सके।” अब इस बात से तो साफ़ है कि जब सिपेसलार ही अपने हुक्मरानों से नहीं डर रहा तो आम आदमी की हैसियत ही क्या है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ शनिवार को लखनऊ के सचिवालय चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार जीपीओ चौराहे के फुटपाथ पर दुकान लगाए लोगों को हटा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने फुटपाथ पर टाइपिस्ट का काम करने वाले बुजुर्ग कृष्ण कुमार के टाइपराइटर को उठाकर सड़क पर फेंक दिया और अपने बूट से सारा सामान तितर-बितर कर दिया, इस बीच बुजुर्ग अपनी गरीबी की दुहाई देते हुए हाथ जोड़कर खड़ा हो गया, लेकिन दरोगा की हनक में कमी नहीं आयी। इसी के साथ दरोगा ने फूटपाथ पर मौजूद एक चाय की दुकान को भी तहस-नहस कर दिया।

कृष्ण कुमार बताते हैं कि वो पिछले 35 सालों से टाइपिंग का काम जीपीओ के फुटपाथ पर ही कर रहे हैं, इसी से उनकी रोजी-रोटी चलती है। उन्होंने पांच हजार रुपये उधार लेकर किसी तरह एक टाइपराइटर को खरीदा था, इस हादसे के बाद उनका रो-रोकर बुरा हाल है। कृष्ण कुमार दरोगा के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए, लेकिन इस पर भी उनका दिल नहीं पसीजा। दरोगा प्रदीप कुमार ने जब मीडियाकर्मियों को इस दौरान फोटो खींचते हुए देखा, तो पहले अर्दब में लेकर फोटोज को डिलीट करने की बात कही और जब उनकी बात नहीं सुनी गयी तो वर्दी का रौब दिखाते हुए बोले, ” मेरे नाम को मेटे शब्दों में लिखना, जिससे एसएसपी साहब भी मेरे बारे में जान सकें।”

कृष्ण कुमार ने कहा कि दरोगा पर कोई कार्रवाई हो या न हो, लेकिन मेरी सीएम से गुजारिश है कि परिवार के गुजारे के लिए मुझे एक नया टाइपराइटर दिला दिया जाए। आस-पास मौजूद दुकानदारों ने बताया कि पुलिस आये-दिन फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों से वसूली करती है और जो पैसे नहीं दे पाते हैं, इन्हे ऐसे ही परेशान किया जाता है।

आपको बता दें शनिवार को अफसरों की बैठक के दौरान सूबे के सीएम अखिलेश यादव ने आला-अधिकारियों के पेंच कैसे थे, कि सभी अधिकारी गरीब और लाचारों की मदद करें। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ शिकायत मिलती है, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी, लेकिन सीएम की ये बात शायद दरोगा जी के गले से नहीं उतरी।

 

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