चिरौंजी का सेवन करने से दूर हो सकती हैं पेट की ये 3 समस्याएं…

चिरौंजी के छोटे-छोटे बीज अनेकों पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके बीज को सिरदर्द से लेकर मुहं के छाले, खांसी, बांझपन, कब्ज, सांस से जुड़ी बीमारी और स्किन से जुड़ी समस्याओं में इस्तेमाल किया जा सकता है।

चिरौंजी के छोटे-छोटे बीज अनेकों पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इसके बीज को सिरदर्द से लेकर मुहं के छाले, खांसी, बांझपन, कब्ज, सांस से जुड़ी बीमारी और स्किन से जुड़ी समस्याओं में इस्तेमाल किया जा सकता है। चिरौंजी का इस्तेमाल कर आप पेट से जुड़ी गंभीर समस्याएं जैसे कब्ज, पेचिश, डायरिया आदि में फायदा पा सकते हैं। भारत में प्राचीन काल से ही इसका इस्तेमाल पारंपरिक चिकित्सा में किया जा रहा है। आइए जानते हैं पेट की समस्याओं में चिरौंजी के इस्तेमाल के बारे में।

पेट की समस्याओं में चिरौंजी का इस्तेमाल
कब्ज
कब्ज की समस्या में चिरौंजी औषधि के रूप में काम करती है। सूखी दाल की तरह दिखने वाला यह ड्राई फ्रूट कब्ज के लिए कारगर माना जाता है। इसका सेवन करने से पाचन तंत्र में मौजूद गन्दगी और विषाक्त पदार्थ भी दूर होते हैं। आंतों की अंदरूनी परत को साफ कर यह कब्ज की समस्या में राहत देता है। इसका नियमित सेवन कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म कर सकता है। आप कब्ज की समस्या से बचने के लिए रोजाना रात को चिरौंजी का सेवन करें।

पेचिश
पेचिश या अतिसार में चिरौंजी का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद माना जाता है। आप बार-बार दस्त के साथ खून आने की समस्या को अधिक समय के लिए नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। इस समस्या का तुरंत इलाज किया जाना चाहिए। पेचिश की समस्या में आप चिरौंजी की छाल को बकरी के दूध के साथ पीसकर उसमें शहद खाएं। इससे पेचिश की समस्या में फायदा मिलेगा। इसके आलावा आप चिरौंजी के पत्ते और जड़ को पीसकर उसमें मक्खन मिला दें और फिर इसका सेवन करें। इससे भी दस्त और पेचिश की समस्या में फायदा मिलेगा।

डायरिया
डायरिया की समस्या में चिरौंजी के तेल का इस्तेमाल किया जा सकता है। आप डायरिया की समस्या में चिरौंजी के तेल से बनी खिचड़ी, दलिया आदि का सेवन कर सकते हैं। इसके अलावा दस्त और डायरिया जैसी गंभीर समस्या से बचने के लिए रोजाना इसके तेल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। चिरौंजी के पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से भी दस्त और डायरिया में फायदा मिलता है।

चिरौंजी का सेवन करने से पाचन तंत्र और आंत में मौजूद गंदगी और विषाक्त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं। इसके बीजों में मौजूद कसैले गुण मल त्याग करने से जुड़ी समस्याओं में फायदेमंद माने जाते हैं। चिरौंजी के तेल की कुछ बूंदे ओआरएस के घोल में मिलाएं और पी लें, इससे आपको ढीले मल की समस्या में फायदा मिलेगा।अगर आप चिरौंजी के पाउडर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसका सेवन करने से पहले किसी डॉक्टर की सलाह जरूर लें।क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इसके पाउडर का सेवन करने से भूख से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं।

 

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