जीएसटी : 2०19 के लिए मोदी का सबसे बड़ा दांव, जीएसटी हुआ फिट तो मोदी होंगे हिट

राजेश श्रीवास्तव
देश में जीएसटी लागू हो गया है और इसका असर बड़े व्यापार से लेकर घरेलू कारोबार पर पड़ा है। जीएसटी ने अगर देश की इकॉनमी को मजबूत किया तो निश्चित रूप से इससे पीएम मोदी की लोकप्रियता का ग्राफ और बढ़ेगा लेकिन जीएसटी के परिणाम अगर सरकार के उम्मीद के मुताबिक नहीं हुए तो इसका खामियाजा मोदी सरकार और बीजेपी दोनों को उठानी पड़ेगी। सीधे तौर पर कहा जाय तो पीएम मोदी ने जीएसटी के रूप में अपने राजनीतिक करियर का अब तक का सबसे बड़ा जुआ खेल दिया है। ऐसे में जब 2०19 का लोकसभा चुनाव होने में मात्र 2० महीने का वक्त बचा है, पीएम मोदी मे नोटबंदी के बाद से अपने राजनीतिक करियर का सबसे बड़ा जुआ खेला है।

जीएसटी की कामयाबी का असर पार्टी और सरकार दोनों पर पड़ेगा। सबसे बड़ी बात ये है कि जीएसटी की सफलता और असफलता दोनों का क्रेडिट पीएम मोदी को सीधे तौर पर मिलेगा, जीएसटी देश की इकॉनमी में फिट हुआ तो पीएम मोदी हिट हो जाएंगे अगर जीएसटी से देश को उम्मीद के मुताबिक फायदा नहीं हुआ तो इसका असर 2०19 में बीजेपी की परफॉरमेंस पर पड़ेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को गुड एंड सिपल टैक्स बताया है और नौकरशाहों को जीएसटी को सफल बनाने की कोशिश करने के निर्देश दिए हैं। मोदी ने अफसरों से कहा कि वे अपने संबंधित विभागों पर जीएसटी से पड़ने वाले असर का बारीकी से मुआयना करें वहीं अधिकारियों का कहना है कि पीएम जीएसटी को कामयाब बनाने के लिए कमर कस चुके हैं। वह मुद्दे की बड़ी तस्वीर के अलावा इसकी बारीकियों को समझने के लिए लगातार ब्रीफिग ले रहे हैं। नोटबंदी के वक्त भी उन्होंने ऐसे ही किया था।

इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए मोदी अब देश के सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म के सहारे हैं। साथ ही पीएम मोदी के मंत्री भी जीएसटी को सफल बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। जीएसटी की सफलता और असफलता दोनों का असर 2०19 के चुनावों पर पड़ेगा, इसी के मद्देनजर मोदी एंड कंपनी सबसे बड़े टैक्स रिफॉर्म को सफल बनाने में जुटी है तो वहीं कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों ने 5०-5० का मैच खेल दिया है। कांग्रेस ने जीएसटी लॉन्च से दूरी बनाकर ये साफ कर दिया है कि अगर किसी वजह से जीएसटी के परिणाम अच्छे नहीं होते तो वो केंद्र सरकार की खिचाई में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी और इसका फायदा 2०19 के चुनाव में उठाएगी।

देश को आर्थिक रफ्तार देने के लिए लिहाज से जीएसटी पर काफी भरोसा किया जा रहा है। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद से आर्थिक रफ्तार तो बढ़ी है लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली है। इस कारण पीएम मोदी के वादे के अनुरूप नौकरियों का सृजन नहीं हो पाया है। अब जीएसटी के बारे में कहा जा रहा है कि इससे देश की इकोनॉमी को जबर्दस्त फायदा होगा। ऐसे में यदि यह कामयाब हुआ तो पीएम मोदी निर्विवाद रूप से सर्वमान्य नेता से भी बढ़कर स्टेट्समैन बनकर उभरेंगे एवं उनकी छवि और मजबूत होगी। वह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पीएम मोदी ने नोटबंदी के फैसले की तरह इस बार जीएसटी की जिम्मेदारी भी अपने सिर ली है। लिहाजा सफलता या असफलता की दशा में सेहरा उनके सिर ही बंधेगा। इस लिहाज से यदि यह कदम सफल नहीं रहा और नतीजे सरकार के मनमुताबिक नहीं रहे तो इसकी बड़ी कीमत बीजेपी को चुकानी पड़ सकती है।

 

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